• मिर्च झोंककर युवक का गला रेतने के बाद गुस्साये लोगों ने वाहन फूंका

• SP व SDPO ने लिया जायजा, 14 घंटे बाद भी नहीं मिले आरोपी

घुग्घुस (चंद्रपुर) : फिर एक बार घुग्घुस शहर फिल्मी दुनिया के गैंग ऑफ वासेपुर की तर्ज पर चल पड़ा है। आये दिन अपराध की वारदातों से दहलने वाला यह शहर अपहरण, फिरौती, हत्या जैसे संगीन जुर्मों के कारण लगातार बदनाम हो रहा है। औद्योगिक नगर घुग्घुस में अपराध की जड़े इतनी गहराई तक जम चुकी हैं कि पुलिस प्रशासन के लिये यहां की शांति व सुव्यवस्था को बरकरार रखना काफी मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में बीती रात शनिवार, 19 फरवरी को स्थानीय बैंक ऑफ इंडिया के सामने अज्ञात 6 हमलावर युवकों ने यहीं के निवासी 25 वर्षीय कादिर शेख के आंखों में मिर्च झोंककर उसका गला रेत दिया। वारदात के बाद गुस्साये लोगों ने एक कार फूंक दी। साथ ही सर्च टीवी के रिपोर्टर नौशाद शेख को वीडियो बनाते देख उसकी जमकर पिटाई कर दी। देर रात से ही पुलिस महकमे ने घुग्घुस को छावनी का रुप दे दिया। रविवार, 20 फरवरी की सुबह जिला पुलिस अधीक्षक अरविंद सालवे ने घटना स्थल को भेंट देकर शांति व सुव्यवस्था बनाये रखने का जायजा लिया। लेकिन वारदात के 14 घंटों बाद भी पुलिस इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों तक नहीं पहुंच पायी है।


ज्ञात हो कि शनिवार की रात 10.45 बजे के दौरान अज्ञात हमलावरों ने कादिर शेख के आंखों में मिर्च झोंककर उस पर हमला किया। जैसे ही वह अधमरा हुआ, इन हमलावरों ने उसकी गला रेत कर हत्या कर दी। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इस वारदात को अंजाम देने वाले 6 युवक थे।बताया जाता है कि कादिर शेख की हत्या की जानकारी मिलते ही गुस्साये भीड़ ने यहां के निवासी राजेन्द्र उर्फ राजन्ना कंकटवार (28) के घर के सामने रखी SUV-500 वाहन को जला दिया।


इस दौरान वीडियो शूट कर रहे सर्च टीवी के घुग्घुस प्रतिनिधि नौशाद शेख को वहां मौजूद लोगों ने पिटाई कर दी। जब वह थाने में पहुंचा तो वहां थाने के प्रांगण में भी नौशाद को पीटा गया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने रात करीब 3 बजे तक नौशाद को थाने में ही बिठाकर रखा। इसके अलावा कोई अनहोनि न हो, इसके लिये पुलिस ने राजन्ना के परिजनों को भी सुरक्षा देने के दृष्टि से पुलिस संरक्षण में पनाह दी गई है।


चर्चा है कि मृतक कादिर शेख कुछ दिनों पहले ही जमानत पर जेल से रिहा हुआ था। उस पर एक हत्या के मामले में शामिल होने का आरोप था। 6 वर्ष पूर्व अर्थात वर्ष 2016 में नकोड़ा के उपसरपंच मोहम्मद आरिफ़ की निर्मम हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में क़ादिर शेख (27) भी आरोपी था। वह बेल पर बाहर था। 27 जनवरी को क़ादिर शेख और राजन्ना कंकटवार के बीच किसी विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य चौराहे पर तलवारें निकाले जाने की बात चर्चा में है।
पुलिस प्रशासन की ओर से नकोड़ा उपसरपंच मोहम्मद आरिफ की हत्या और राजन्ना कंकटवार के साथ हुए विवाद को लेकर गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है। जबकि वारदात स्थल पर ही सीसीटीवी कैमरे लगे है। इन कैमरों की फुटेज भी खंगाले जा रहे है।


कादिर की हत्या में पुरानी रंजिश के एंगल को पुलिस भले ही गहनता से जांच कर रही हो, लेकिन वारदात के 14 घंटे बीत जाने के बावजूद अब तक इस हत्याकांड के आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं देर रात वारदात के तुरंत बाद घुग्घुस पुलिस के अलावा DB, LCB, पड़ोली की पुलिस तथा दंगा नियंत्रण दल को बुलवाया गया। इस दौरान SDPO सुधीर नंदनवार ने घटना स्थल को भेंट देकर जायजा लिया। रविवार की सुबह जिला पुलिस अधीक्षक अरविंद सालवे ने भी घटना स्थल को भेंट देकर मामले की गंभीरता जानी। रविवार सुबह से ही घुग्घुस शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान तैनात नजर आ रहे हैं। शहर को पुलिस छावनी का रुप आ चुका है। शहर में तनावपूर्ण शांति कायम है। कानून व सुव्यवस्था बनाये रखने के लिये पुलिस अथक प्रयास कर रही है। मृृतक से जुड़े हर मामले से संबंधित लोगों को थाने बुलवाकर पूछताछ किया जा रहा है। बहरहाल इस हत्याकांड के कारण घुग्घुस शहर फिर एक बार दहशत के साये में है। आये दिन घटित होने वाले अपराधों के कारण यह शहर लगातार बदनाम होने लगा है।